Typhoid fever या मियादी बुखार जिसे मोतीझरा कहते हैं
इसमें बुखार अंदरुनी रहता है और यह आंतों में इन्फेक्शन होने की वजह से टाइफाइड बन जाता है जिसे मोतीझरा करते हैंलोगों को आंत्र ज्वर (Typhoid fever) कैसे मिलता है?टाइफाइड ज्वर दूषित भोजन या पानी में बैक्टीरिया को पीने या खाने से होता है।गंभीर बीमारी वाले लोग मल के माध्यम से आसपास के पानी की आपूर्ति को दूषित कर सकते हैं, जिसमें बैक्टीरिया की अधिक मात्रा होती है।पानी की आपूर्ति के प्रदूषण से बदले में भोजन की आपूर्ति को दूषित किया जा सकता है।बैक्टीरिया हफ्तों तक पानी या सूखे सीवेज में जीवित रह सकते हैं।तीव्र बीमारी के बाद लगभग 3% से 5% लोग बैक्टीरिया के वाहक बन जाते हैं।दूसरों को एक बहुत ही हल्की बीमारी है जो अपरिचित हो जाती है।ये लोग लंबे समय तक बैक्टीरिया का वाहक बन सकते हैं--भले ही उनके कोई लक्षण न हों--और कई सालों से टाइफायड बुखार के नए प्रकोप के स्रोत बन सकते हैं।
Symptoms- हाथ पैरों और सिर में दर्द भूख न लगना कब्ज एवं नींद ज्यादा आना जापान सूफी विवाह पपड़ी दार फेफड़ों को प्रकोष्ठ की सूजन और सूखी खांसी spleenबड़ी हुई और दबाने पर दर्द होना बुखार लगातार बना रहना तापमान बुखार का 100 या 101 के बीच रहता है और अक्सर एकदम से तेज बुखार आता है
Investigation -widal test
परहेज-मियादी बुखार वाले रोगी को अन्य नहीं देना चाहिए जैसे रोटी
खाने और पीना-पीनी में लोंगे डालकर फटा हुआ पानी दें और खाने में बाजरे का दलिया एचडी टूल चाय और चीकू यह देना चाहिए
Note-combination of modern antibiotic देनी चाहिए
Cap- Ranifal 1×oD HS
अपने डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं
टाइफाइड में खाना ऐसा रखें जो हल्का, आसानी से पचने वाला और पर्याप्त तरल वाला हो। भोजन से टाइफाइड का संक्रमण ठीक नहीं होता; डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का कोर्स पूरा करना जरूरी है।
✅ क्या खाना चाहिए
पानी और ORS — पर्याप्त मात्रा में, खासकर बुखार/दस्त होने पर।
खिचड़ी, दलिया, नरम चावल।
मूंग दाल जैसी हल्की दाल।
केला, सेब की पकी हुई/मुलायम अवस्था, या अन्य आसानी से पचने वाले फल।
उबली हुई सब्जियाँ।
दही यदि मरीज को इससे गैस/दस्त की समस्या न हो।
भूख कम हो तो थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में कई बार खाना बेहतर रहता है।
❌ किन चीज़ों से बचें
बहुत तला-भुना और मसालेदार खाना।
बहुत तेल या घी वाला भोजन।
कच्चा या अधपका खाना।
खुले में बिकने वाला भोजन और असुरक्षित पानी।
शराब से पूरी तरह बचें।
अगर दूध या कोई विशेष भोजन लेने से दस्त/पेट खराब होता है, तो उसे कुछ समय के लिए रोकें।
सबसे महत्वपूर्ण: साफ पानी पिएँ और हाथों की स्वच्छता रखें, क्योंकि टाइफाइड दूषित भोजन/पानी से फैल सकता है।
अगर मरीज को बहुत तेज बुखार, लगातार उल्टी, खून वाला मल, तेज पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या पानी की कमी के लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

0 Comments